जय मुनिसुव्रतनाथ स्वामी, प्रभु मुनिसुव्रतनाथ स्वामी जय मुनिसुव्रतनाथ स्वामी, प्रभु मुनिसुव्रतनाथ स्वामी भक्ति भाव से प्रणमु तुमको, जय अन्तरयामि २ जय मुनिसुव्रतनाथ स्वामी० राजगृही में जन्म किया प्रभु २, आनन्द भयो भारी । सुर नर मुनि गुण गाये तिहारी, आरती करी थारी ॥ जय मुनि सुव्रतनाथ स्वामी० पिता तिहारे सुमित्र राजा २, शामा के जाया । श्याम वर्ण मूरत तेरी हैं, पैठण अतिशय दर्शाया ॥ जय मुनि सुव्रतनाथ स्वामी० जो ध्यावे सुख पावे सब ही २, सब संकट को दूर करे २। मंवांचित फल पावे सब ही 2, जो प्रभु चरण हरे २ ॥ जय मुनि सुव्रतनाथ स्वामी०
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